Guru Nanak Jayanti

Commemorating Waheguru Guru Nanak Dev ji and his Endeavors/ Thoughts :


 Today, November 4th, 2017 – “Guru Nanak Jayanti” is being celebrated as the birthday of Guru Nanak Dev ji, the world over. His birthday falls on different dates each year as it falls on Pooranmashi (full moon) day in the month of Katak (October-November).
Guruji’s mission was to spread brotherhood of man and fatherhood of God, spread of love in neighborhood irrespective of religion/ beliefs, he rendered help to the weak, he opposed caste and class distinctions, attacked hypocrisy, greed, corruption, idolatry etc. In fact, Guruji’s first companion was a low caste Muslim. He once stated “There is no Hindu, nor any Mussalman”.


 The footings of the current “Langar” system, especially at Gurudwaras globally, can be dated on Guruji’s distribution of the excess food to the poor/ needy and the hungry, and a common kitchen was made where any person regardless of his caste, creed, gender, age, economic status etc. could sit and eat together under one roof/area, vis-à-vis, with no parity.
A place named “Sacha Sauda” (meaning – True Business/Deal) is testimony to one of his good noble works and intentions. It was when at age 14 his father gave him twenty rupees to start business, he instead went and bought food and distributed it amongst Saints and the poor, therefore, the conceiving of term “Sacha Sauda”.
In his journey of spirituality, he studied many religious systems like Hinduism, Buddhism, Jainism and Islam.
Let us commemorate and celebrate his birthday on this modern day with the spirit of equality, brotherhood, companionship, compassion, generosity, spread of peace/ love, contribution to humanity etc. and a connection with spirituality and the almighty. 


जानिए किस प्रकार पापी ग्रह गृहस्थी को खराब करते है

आज का गुरु मंत्र

जब पापी ग्रह गृहस्थी को खराब करते है तो सबसे पहले घर की महिलाओं को कमर व पैरों से सम्बंधित परेशानिया आने लगती है। यह परेशानिया महिलाओं के साथ साथ मर्दों में भी आ सकती है। जिससे मर्दों में आलस उत्पन्न होने लगता है, वह नहाने, धोने में आलस करने लगते है यहाँ तक की अपनी दाढ़ी भी नहीं बनाते है।
जिनकी शादी के आस-पास घर में सीलन बनने लगे, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खराब होने लगे तो समझ ले के घर में शनिदेव आ गए है। साथ ही अगर नालिया भी बंद होने लगे तो इसका मतलब है के पापी ग्रह घर में आ चुके है। इनके आगमन से शादीशुदा जिंदगी खराब होती है और साथ ही यह कमाई को भी खराब करने का काम करते है।
इनसे बचने के लिए सुबह नहा-धोकर अपने इष्ट देव के सामने धूप जलाये और थोड़ा सा दूध और जल मिलाकर बरगद के पेड़ पर चढ़ाये और वहां की गीली मिट्टी का तिलक लगाए। साथ ही घर के खाने में केसर का उपयोग करना शुरू करे। जितना अधिक केसर का उपयोग होगा उतना ही पापी ग्रहों का असर कम होता जायेगा। शनिवार के दिन मजदूरों को खाने के लिए कुछ ना कुछ जरूर दे।
शादीशुदा जीवन में सुधार करने के लिए गौ माता की सेवा करे। उनको खाने के लिए चारा, पीने के लिए पानी दे। जितना ज्यादा से ज्यादा उनकी सेवा करेंगे उतना ही आपकी शादीशुदा जिंदगी सुखमय होगी।

कोई समस्या है या कोई सवाल है तो नीचे दिए हुए लिंक पे क्लिक कर आप अपनी समस्या और अपने सवाल भेज सकते है :-
https://goo.gl/rfz1Cb #Astrology #Gurumantra

Career Counseling Through Astrology


हर व्यक्ति चाहता है कि उसे अपने जीवन में मान सम्मान व धन की प्राप्ति हो। इस धन को कमाने के लिए सबसे पहले चाहिए एक ऐसा रास्ता जो आपको पहुचाये बुलंदियों पर। आपको सबसे पहले जानना चाहिए की आपको नौकरी में सफलता मिल सकती है या व्यवसाय में। कुछ लोग सरकारी नौकरी के लिए भी बेहद इच्छुक होते है परन्तु उनकी कुंडली उन्हें कही और ही ले जाना चाहती है। यदि आपने या आपके बच्चे ने अभी 10 वी की परीक्षा दी है तो आप आज जान सकते है की कौन सी पढ़ाई उसे 11वी व 12वी में फलदायक होगी और यदि आपने अभी 12वी की परीक्षा दे दी है तब भी आप अपने जीवन के सबसे बड़े कदम उठाने से पहले अपनी कुंडली का आंकलन करवा कर जाने कि आपको आगे किस दिशा में प्रगति मिल सकती है। ज्योतिष एक ऐसा विज्ञानं है जिससे आप बिलकुल सटीकता से जान सकते है की आपको जीवन में क्या फलदायक होगा। लाखो रूपए का डोनेशन देने के बाद बच्चे एडमिशन तो ले लेते है और 3-4 साल लगाने के बाद नौकरी के लिए तरसते है इसका जिम्मेदार उन्हें खुद माना जा सकता है क्योकि जब आपके पास रास्ता है अपने जीवन के बारे में जानने का और आप फिर भी अगर इधर-उधर भटकते है तो इसके लिए सिर्फ आप जिम्मेदार माने जा सकते है। अपना या अपने बच्चे का जीवन बनाने के लिए अभी भी है सही समय जाने उसके भविष्य के बारे में और जानिए कौन से दिशा में पढ़ाई और कौन सी काम ले जाएगा बुलंदियों पर।




गुरुदेव जी डी वशिष्ठ जी से मिलकर अपनी कुंडली का आंकलन करवाने के लिए महज 11 हज़ार की सहयोग राशि देकर आप अपना या अपने बच्चे का भविष्य उज्वल बना सकते है।




शनि आपका मित्र है या शत्रु ? जानिए क्या कहते है World famous astrologer Gurudev GD Vashist जी।




Gurudev GD Vashist जी बताते है की शनि इस दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। शनि आपके अपने कर्मो के अनुसार ही देता है फल। अगर आप सबके साथ अच्छे रहते है और किसी बुरी आदत में नहीं पड़ते और शराब या मॉस का सेवन नहीं करते तो शनिदेव सदैव आपकी सहायता करते है। यदि आपका आचरण बिगड़ जाये या आप दुसरो के प्रति इर्षा का भाव रखने लगते है तो आपका शनि ख़राब हो जाता है।


इसलिए कहते है की जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में शनि शुभ होते है उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति ज़रूर होती है। शुभ शनि वाले व्यक्ति अपनी दिमागी शक्ति के कारण काफी चुस्त होते है और अपने काम चुटकियो में निकाल लेते है।

इस विषय में के बहुत ज़रूरी बात का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है की जिन लोगो का शनि अच्छा होता है उन लोगो को शनि से सम्बंधित चीज़े जैसे लोहा, सरसो का तेल, उड़द साबुत दाल, कील आदि चीज़ो का दान कभी नहीं करना चाहिए।

गुरुदेव जी. डी. वशिष्ठ जी बताते है की शनिदेव आकाश मंडल में बैठे हुए वह गुरु है जो अपने शिष्य को बहुत पीटते है लेकिन उसको पीट पीटकर कुंदन बना देता है। इसलिए जब भी शनिदेव की साढ़े साती आती है, जन्म कुंडली में अशुभ शनि वाले व्यक्तियों को खूब परेशानिया आती है।  इस समय में शनिदेव इंसान का अहम् तोड़ने का काम करते है और यदि शनिदेव खराबी करने पर आये तो राजा को भी दर दर का भिखारी बना देते है।

इसलिए इंसान को कहा जाता है की हर व्यक्ति को सेवा की भावना से देखा जाना चाहिए और किसी का बुरा करना तो दूर सोचना भी नहीं चाहिए।


अगर शनिदेव आपकी कुंडली में अशुभ बताये गए हो तो नीले और काले रंग से विशेष तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए और कुंडली के आंकलन के हिसाब से दिए गए उपाय करने चाहिए।

ऊपर दिए उपाय हर व्यक्ति के लिए मान्य नहीं है। हम आपको सलाह देते है की कोई भी उपाय करने से पहले अपनी कुंडली का आंकलन ज़रूर करवाए। आप हम को  0124-6674671 पर कॉल करके अपनी कुंडली के बारे में जान सकते है।

क्या आप परेशान है Bussiness में अस्थिरता से ? अगर हां तो करे ये उपाय ...


विश्वविख्यात  ज्योतिषचार्या व लाल किताब स्पेशलिस्ट Gurudev GD Vashist जी बताते है की कामकाज और कारोबार का सम्बन्ध बुध ग्रह से है। गुरुदेव का कहना यह भी है की लाल किताब विशेषज्ञ राहु - केतु या शनि से नहीं बल्कि बुध से डरते है। कहा जाता है की अगर बुध ग्रह ख़राब तो सब ख़राब और अगर बुध ग्रह अच्छा तो क्यों न बाकि सब ग्रह बुरे भी हो तब भी इंसान पार लग जाता है क्योकि बुध ग्रह ही कामकाज और बिज़नेस का कारक  है।


जिन लोगो की कुंडली में बुध ख़राब होता है व इंसान बिज़नेस तो बिज़नेस नौकरी में भी सफलता नहीं ले पाता जब तक कोई और ग्रह कोई उत्तम फल ना दे रहा हो। कहा जाता है यदि कोई व्यक्ति अशुभ बुध लेकर किसी समृद्ध घर में जन्म ले लेता है तो उस घर की समृद्धि व रूपए पैसे को आग लगाने का काम ही करता है।

बुध ग्रह केवल बिज़नेस ही नहीं बल्कि आपके दिमागी संतुलन के लिए भी जिम्मेदार है। अपनी कुंडली में शुभ बुध लेकर जन्मे व्यक्ति को माँ दुर्गा का वरदान मिलता है और ये लोग बहुत अच्छे बिज़नेस से सम्बंधित योजना बनाते है और चुटकियों में उन्हें पूरा करके ढेर सारी समृद्धि अपने घर में लाते है।

जिन लोगो के घर में बहन, बेटी या फिर बुआ किसी न किसी दुःख से ग्रसित रहती हो उनका बुध भी ख़राब होता है।
यदि आप ऊपर लिखी परेशानियों से ग्रसित रहते है तो आप अपनी कुंडली का आंकलन परमपूज्य ज्योतिषाचार्य गुरुदेव जी डी वशिष्ठ  से ज़रूर करवाए और निम्नलिखित उपाय ज़रूर करे।

1. अपनी बहन, बुआ और बेटियों के साथ हमेशा अच्छे  सम्बन्ध बनाये रखे व उनकी सेवा करते रहे।
2. 96 दिनों के लिए बीच में से नाक छेदन अवश्य  करवाए और उसमे चांदी या सोने की तार धारण करे और 96 दिनों के बाद उसे निकाल के बहते जल में डालदे।
3. अपने घर से शंख,सीप, कोडिया, ढोलकी, गिटार,सितार, तबला, मनी प्लांट, रबर प्लांट, तुलसी, बांस की बेकार पड़ी चीज़ें , सबको बाहर  निकाले।
4. हरे रंग से परहेज रखे।

अधिक जानकारी के लिए 
या 
अपनी कुंडली का फ्री में आंकलन करवाने या अपनी Yes I Can Change जन्म पत्रिका मंगवाने के लिए कॉल करे 0124 -6674671

गुरुदेव जी. डी. वशिष्ट जी ने ख़ौजा ऐसा कौनसा कुण्डली-योग, जो इंसान की हालत खराब कर देता है?

गुरुदेव जी. डी. वशिष्ठ जी अपने आप में एक खगोलीय वैज्ञानिक है जो अन्य भविष्यकर्ताओ से अलग है। इनकी कार्यशैली व्यवसायिक तरीके से सटीक गणना करते है जो मानवता के हित में कार्य करते है और पिछले कई वर्षो से लोगो की सेवा कर रहे है।

तेज़ी से बदलते माहौल में हमारे शरीर और मन पर काफी गलत प्रभाव पड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण तनाव है। जहां अच्छे तनाव की वजह से आप अपनी नौकरी में प्रमोशन पाते है, वहीं बुरे तनाव में आप किसी से गुस्से में बहस कर लेते है। परिवार, पैसा, काम और स्कूल - ये तनाव के सामान्य कारण है। ज्यादा तनाव आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है और इसकी वजह से आपके परिवार और दोस्तों से संबंध भी बिगड़ सकते है। कई बार जब लोगो को लगातार तनाव रहता है जिसकी वजह से उनको घर पर भी और बाहर भी परेशानिया होती है। जब ज्यादा तनाव भरी परिस्थितियों से गुज़रते है, तो उनका गुस्से पर नियंत्रण नहीं रहता जिससे कारण स्वास्थ्य ख़राब रहने लगता है और कई बिमारियों का भी सामना करना पड़ता है।
इसी मानसिक परेशानियों पर गुरुदेव जी. डी. वशिष्ठ जी ने गहन शोध किया है। जिसका सदुपयोग वह जन साधारण के लिए कर रहे है। जिसका सकारात्मक प्रभाव जीवन की समस्याओं के निवारण में हो रहा है | जानिये की क्या ये योग आपकी कुण्डली में है वो भी अपनी के Gurudev GD Vashist’s Yes I Can Change के माध्यम से ।


कुण्डली में, चंद्र के पितृ-ऋण ( मातृ ऋण)

पाप का कारण :-  माता नीयत बद :- अपनी संतान पैदा होने के बाद माता को दरबदर जुड़ा करना या दुःखी करना या आपका खुद दुःखी हो जाने पर लापरवाही करना।

आम निशानी:- पड़ोस में कुआँ, दरिया, नदी नाला पूजने की बजाये घर की गंदगी बहाने या जाम करने का जरिया बनाया जा रहा होगा।

जब भी आप विद्या से संबंध करे या पशु जो दूध देता हो उससे  संबंध करे, या हो जाये।  चंडी का पैसा, घड़े का पानी , दिल की शांति रात का आराम ,आय का शुरू होना।  फव्वारा , घर का दूध , संसारी मित्र संबंधियों की छुपी मदद , रेशम के सफ़ेद रंग की बजाय दीवारों पर रंग बदलने के लिए मिट्टी की सफेदी में बदलने लगे अर्थात विफल होने लगे। रूपया जमा किया , तो वह बुरे कामो में यानि कफनों , बीमारियों, जुर्माने में खर्च होता गया और ऐसा समय कभी न आया , की कभी दूसरे से ख़ुशी से दूध पिया या पिलाया।  अगर कोई समय आया होगा, तो मित्र को भी जुटी उड़ाने या निःशुल्क के माल उड़ाने की इच्छा ही पैदा हुई होगी।

उपाय:-  खानदान के प्रत्येक सदस्य से  (जहाँ तक खून का संबंध हो)
एक समान चांदी लेकर, एक ही दिन में साफ़ चलते हुए पानी में सिर से सात बार उतारकर जल प्रवाह कर दे।  परिवार का जो सदस्य हिस्सा न दे सके, तो उसके हिस्से का दस गुना ज्यादा आप खुद डाल दे। आपकी किस्मत अमूमन ३४ साल की आयु के बाद में जाएगी।

पितृ ऋण के रिश्तेदार

आपके खंडन के सभी जीवित बेटे और बेतिया जैसे - बाबा, दादा, चाचा, ताऊ, भाई, भतीजे, बहन, बुआ, बेटी (लेकिन बहन, बुआ, बेटी के पति और बच्चो को इसमे न जोड़ें)

अधिक जानकारी के लिए इन नंबर पर संपर्क करे -०१२४- ६६७४६७१
 व्हाटप्प नं- 9821599237